गुरुवार, 25 मार्च 2010

अगर आप अपना दिमाग खराब नही करना चाहते तो इसे ना पढ़े.

अब आप तैयार हो जाइए कुच्छ ऐसा पढने के लिये जिसको पढने के बाद मेरा दिमाग ख़राब हो गया हैं 
और अब मै आप सब का दिमाग खराब कर दूंगा.

2 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय संजीव, चिंता ना करें, यहाँ कोई धमाका नहीं होता और ना ही दिमाग़ खराब होता है क्योंकि बुद्धिहीनता भारत का राष्ट्रीय गुण हो गया है.

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  2. BILKUL DIL KI BAAT KAH DAALI AAPNE TO JI.
    BANSAL SAHIB AAPNE THIK FARMAYA
    M KAAFI SAMAY SE YEHI SOCH RAHA THA KI KUCCH AISA LIKHU JO SATYA H PAR BAHUT KADWA H.
    LEKIN YE TO HINDUSTAANIYO KI AADAT HO GAI H KI WO BAHUT JALDI " USE TO " HO JAATE H
    MERA TO SIRF ITNA UDDESHAY HAI KI LOGO TAK SACCHAI PAHUCHNI CHAHIYE CHAAHE WO KITNI BHI KADWI KYO NA HO
    M TO SIRF YE DEKHNA CHAHTA HU KI BUJHE HUYE ANGAARO ME AAAG ABHI BHI BAAKI H YA NHI

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