बुधवार, 28 अप्रैल 2010

भारत और पाकिस्तान का परमाणु युद्ध - एक व्यंग्य

यह बहुत ही रोमांचित  कर देने वाली बात हैं.

शीत युद्ध के दौरान अगर अमेरिका अपनी परमाणु आयुध से भरी मिसाइल को छोड़ता हैं तो
रुस्सियन satelite तीन सेकण्ड के अंदर अंदर रुस्सियन फ़ौज को खबर दे देगा और अगले पांच सेकंड में वो उसे मार गिराएंगे.
रस्सियन काउंटर मिसाईले उसके रास्ते में होंगी
ये एक अलग तरीका हैं युध का.

अब नजर दूसरी और डालते हैं .
अगर परमाणु युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच में हो तो -

पाकिस्तान कि फ़ौज  निर्णय लेती हैं और अपनी मिसाइल का मुह भारत कि और मोड़ देती हैं .उनको अपनी सरकार से आदेश लेने कि जरूरत नही पड़ती . और वह उलटी गिनती स्टार्ट कर देते हैं .

भारत कि तकनीक भी बहुत ही अडवांस हैं
वो आठ  सेकंड के अंदर पाकिस्तान कि उलटी गिनती का पता लगाकर अपनी मिसाइल उसको उड़ाने के लिये छोड़ना चाहते हैं परन्तु उनको अपनी सरकार से आदेश लेना पड़ेगा. वो अपनी प्रार्थना भारत के राष्ट्रपति को जमा करवाते हैं. राष्ट्रपति उसकी प्रति कैबिनेट को भिजवाता हैं.

प्रधानमंत्री संसद का आपातकाल सत्र बुलाता हैं .


सत्र शुरू होता हैं लेकिन विपक्ष के  कई वाक आउट और विरोध के कारण सत्र  सथागित होता रहता हैं बार बार. राष्ट्रपति शीघ्र निर्णय मांगता हैं .

उधर पाकिस्तानी मिसाइल का टेक ऑफ तकनिकी खराबी के कारण फ़ैल हो जाता हैं . वो रेलौंच कि कौशिश करते रहते हैं .

और उसी समय भारत में :-
सत्तारूढ़ पार्टी किसी अक्षेत्रीय दल के अपना समर्थन वापिस लेने के  कारण अल्पमत में आ जाती हैं.  जिस कारण से सत्तारूढ़ पार्टी विश्वासमत हांसिल नही कर पाती और एक कार्यवाहक  सरकार का गठन  किया जाता हैं . कार्यवाहक प्रधानमंत्री परमाणु मिसाइल को दागने कि अनुमति देने लगता हैं , उसी समय चुनाव आयोग कहता हैं कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री ऐसे आदेश नही दे सकता क्योंकि चुनाव सिर पे हैं .


सुप्रीम  कोर्ट में एक याचिका चुनाव आयोग के अपनी पॉवर का गलत इस्तेमाल के विरोध में डाली जाती हैं. तब कही जाकर सुप्रीम कोर्ट कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पक्ष में फैसला देती हैं कि ऐसी हालत में वो निर्णय ले सकता हैं.

और पाकिस्तान में तब कही जाकर एक मिसाइल चली पाक से लेकिन वो ३६७ किलोमीटर पहले अपनी ही एक सरकारी ईमारत  पे जा गिरी .सोभाग्य से कोई हताहत नही हुआ क्योंकि सरकारी ईमारत में कोई कर्मचारी नही था.

दूसरी मिसाइल तैयार कि गई . अब पाकिस्तान सरकार और अच्छे हथियार और टेक्निक  चाइना और अमेरिका से खरीदने कि कोशिस कर रही हैं.

भारतीय सरकार कोई चांस नही लेना चाहती और सर्वदलीय मीटिंग में अपनी सव्देश निर्मित मिसाइल छोड़ने के लिये तैयार हो जाती हैं 
अब तक इस बात को तीन महीने बीत चुके होते हैं और मानवता, एंटी नुक्लेअर पार्टी सरकार के इस निर्णय के सामने विरोध में   खड़ी हो जाती हैं  . मानव श्रृंखला और काम रोको आन्दोलन चलने लगता हैं .
इस बीच तेक्निकी खराबी के कारण पाकिस्तान अपने ही किसी शहर को निशाना बना लेता हैं . भारत इस बात के लिये दुःख जताता हैं और करोडो रूपये का खाद्य सामान पाकिस्तान भेजता हैं मदद के लिये.


भारत कभी मिसाइल दाग नही पाया 
और पाकिस्तान इसको ठीक जगह गिरा नही पाया 


हम भी खुश है और जय हिंद के नारे लगाते  हैं .

15 टिप्‍पणियां:

  1. "भारत कभी मिसाइल दाग नही पाया
    और पाकिस्तान इसको ठीक जगह गिरा नही पाया"

    सच में "जय हिंद" वाली बात है जी ये तो!

    एक जबर्दस्त और करार वयंग्य!शैली बहुत अच्छी लगी!

    कुंवर जी,

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  2. "और पाकिस्तान में तब कही जाकर एक मिसाइल चली पाक से लेकिन वो ३६७ किलोमीटर पहले अपनी ही एक सरकारी ईमारत पे जा गिरी .सोभाग्य से कोई हताहत नही हुआ क्योंकि सरकारी ईमारत में कोई कर्मचारी नही था."

    MAJA AA GAYA PADH KAR....

    KUNWAR JI,

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  3. ye neta decision nhi le paate kabhi bhi aur log army ko lachaar kar dete hain
    bahut badhiya vyangy

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  4. सत्तारूढ़ पार्टी किसी अक्षेत्रीय दल के अपना समर्थन वापिस लेने के कारण अल्पमत में आ जाती हैं. जिस कारण से सत्तारूढ़ पार्टी विश्वासमत हांसिल नही कर पाती
    bilkul thik kaha
    ye chhote dal problem karte h

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  5. http://blog.sureshchiplunkar.com/2007/05/blog-post_09.html (9 मई 2007) :) :)

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  6. भारत कभी मिसाइल दाग नही पाया
    और पाकिस्तान इसको ठीक जगह गिरा नही पाया ........

    kya baat hai !!!! anand aa gaya !!!

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  7. पाकिस्तान एक ढोंगी और फर्जी राष्ट्र है.

    अगर पाकिस्तान ने अपनी हेवानियत भरी आदते नहीं छोड़ी तो इस्लाम और पाकिस्तान केवल इतिहास की पुस्तकों तक रह जायेंगे!

    भारत जल्द ही अधर्मी पाकिस्तान और उसके बाप चीन का नाम दुनिया के राजनितिक नक़्शे से मिटा देगा.

    चीन और पाकिस्तान बेवकूफ मुर्ख है.

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